रायगढ़ शासन को आदिवासियों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार की रक्षा करनी चाहिए

By Amnesty International India
Bengaluru: 14 January 2018 4:25 pm

रायगढ़, छत्तीसगढ़ में स्थानीय प्रशासन को निजी कंपनियों की गतिविधियों का विरोध कर रहे आदिवासियों के 15 और 16 जनवरी को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार का सम्मान और रक्षा करनी चाहिए

रायगढ़ जिले में स्थित घरघोड़ा ब्लॉक के 6 गाँवों के रहवासी, नवापाड़ा टेन्डा गांव में टीआरएन एनर्जी लिमिटेड द्वारा राख तालाब के गैरकानूनी निर्माण और भेंगारी गांव में महावीर कोल वॉशरी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कोयला वाशरी की स्थापना के खिलाफ विरोध की योजना बना रहें है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने 16 जनवरी को कोयला वाशरी के लिए पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया के तहत लोक सुनवाई का आयोजन किया है।

बिजनेस एंड ह्यूमन राइट्स, एम्नेस्टी इंटरनेशनल इंडिया, के प्रबंधक, कार्तिक नवायन ने कहा, “आदिवासी ग्रामीणों को भारत के संविधान और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है। इस अधिकार का संरक्षण और प्रदर्शनकारियों की धमकियों और हमलों से सुरक्षा करना अधिकारियों का कर्तव्य है।

स्थानीय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने एम्नेस्टी इंटरनेशनल इंडिया को बताया कि निजी कंपनियों के बिनाह पर कार्य कर रहे एजेंटों ने उन्हें धमकाया है कि वह ग्रामीणों को संगठित करना और विरोध प्रदर्शन करना बंद करें। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने बताया किहम जन सुनवाई का विरोध करने के लिए प्रभावित ग्रामीणों को लामबंद कर रहे हैं। एक कंपनी अधिकारी, गुंडों और 3-4 पुलिस वालोंजिन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थेके साथ आया था और धमकी दी किहम तुम्हारा मुँह बंद कर देंगे’, ‘तुम्हें गाडी में डाल कर ले जाएंगे और जेल में ठूस देंगे’; उन्होंने हमारे साथ हाथापाई भी की। यह 11 जनवरी को भेंगारी मुख्य सड़क पर हुआ

स्थानीय आदिवासी कई सालों से ज़मीन की लड़ाई लड़ रहे हैं जो वे कहते हैं गैरकानूनी ढंग सेधमकी, ज़ोरजबरदस्ती और गलत सूचना के ज़रियेदो निजी कंपनियोंटीआरएन एनर्जी लिमिटेड और महावीर एनर्जी एंड कोल बेनेफिक्शन लिमिटेड के बिनाह पर काम करने वाले एजेंटों द्वारा उनसे हथियाई गयी थी | 2016 में, आदिवासी ग्रामीणों ने अपनी भूमि की बहाली के लिए अदालत में में गैरआपराधिक मामले दायर किये थे जून 2017 में, उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आपराधिक शिकायतें भी दर्ज कराई थीं, जिनमें आरोप लगाया गया था कि उन्हें अपनी जमीनें बेचने के लिए मजबूर किया गया है।

अक्टूबर 2017 में, टीआरएन एनर्जी ने नवापारा टेन्डा में एक राख तालाब का निर्माण शुरू किया | कई स्थानीय ग्रामीणों ने एम्नेस्टी इंटरनेशनल इंडिया को बताया कि उन्हें राख तालाब के निर्माण के बारे में कोई भी सूचना नहीं दी गयी थी, ना ही उनके साथ कोई परामर्श किया गया था और ना ही उन्हें इसके साफ़ हवा, पानी, स्वास्थ्य और आजीविका पर होने वाले असर के बारे में उन्हें कोई जानकारी दी गयी थी।

11 जनवरी को, स्थानीय ग्रामीणों ने अधिकारियों को पत्र लिख कर यह आरोप लगाया कि भेंगारी गांव में कोयले की वाशरी की स्थापना के लिए 16 जनवरी को प्रस्तावित पर्यावरणसम्बंधित लोक सुनवाई के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है ग्रामीणों ने 15 जनवरी को विरोध प्रकट करने के लिए एक सामुदायिक लोक सुनवाई आयोजित करने का फैसला किया है

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